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प्राचार्या का संदेश

उत्तर प्रदेश के पिछड़े तराई क्षेत्र में भगवानदीन आर्यकन्या पी0 जी0 कालेज लखीमपुर-खीरी ,गौरवशाली परम्परा से समृद्ध,स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता तथा व्यक्तित्व के सर्वतोमुखी विकास के लिये प्रतिबद्ध उच्च शिक्षा संस्था है। नवजागरण के अग्रदूत व अधुनिक भारत के निर्माताओं में प्रमुख स्थान रखने वाले स्वामी दयानन्द सरस्वती के स्वप्नों को साकार रूप देने में अग्रगण्य यह कन्या महाविद्यालय जनपद में स्त्री शिक्षा का महत्वपूर्ण स्तम्भ है। संस्था का नामकरण आर्य विचारों के मर्मज्ञ विद्वान् पं0 भगवानदीन के नाम पर है।
महाविद्यालय की प्रथम प्राचार्या स्व0 सुशीला देवी जौहरी ने स्त्री-शिक्षा के आधुनिक आयामों को पोषित किया। द्वितीय प्राचार्या डाॅ0 विमला शर्मा ने कठोर परिश्रम द्वारा संस्था का विकास किया। हिन्दी संस्कृत में परास्नातक कक्षायें संचालित की तथा महाविद्यालय शोध केन्द्र बना।

शिक्षा,विशेषकर स्त्र्री-शिक्षा का उद्देश्य पुस्तकीय शिक्षा के साथ व्यक्तित्व का समग्र विकास तथा देशकाल की समसामयिक समझ विकसित करने तथा भविष्य के उत्तरदायित्वों को वहन करने के लिए सक्षम नागरिक तैयार करना है। स्वतन्त्रता,समानता,बन्धुत्व तथा मानवीय गरिमा की प्रतिष्ठा के प्रति संवेदनशील बनाना भी उसका महत्वपूर्ण लक्ष्य है। साथ ही बदलते वैश्विक परिवेश के सन्दर्भ में व्यवसायिक व तकनीकी दक्षता हेतु जागरुकता पैदा करना भी अब उच्च शिक्षा संस्थाओं का दायित्व हो गया है। मजबूत परिवार, समाज व राष्ट्र-निर्माण में स्त्री शिक्षा में मौलिक परिवर्तन व प्रयोग अपेक्षित हैं, जैसे-स्वास्थ्य शिक्षा, व्यक्तित्व-प्रबन्धन, रोजगारोन्मुखी अवसरों का चयन, विधि-व्यवस्था की जानकारी, आपदा प्रबन्धन के प्रति सजगता,राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों के प्रभाव का आकलन, स्वस्थ व सुखी जीवन के सार्वभौम सूत्र,क्षेत्रीय आवश्यकताएॅं ,सहजीवन-अस्तित्व ,वैज्ञानिक-पर्यावरणीय दृष्टि कला-स्ंास्कृति की विरासत सामाजिक समरसता के आधारभूत तत्व तथा आर्थिक विकास की नवीन संरचनाओं की समझ इत्यादि। आर्यकन्या महाविद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था में उपर्युक्त सभी जीवन मूल्य समाहित हैं। यहाॅं से शिक्षा प्राप्त कर अनेक छात्राएॅं जीवन के विविध क्षेत्रों में - अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कुशलतापूर्वक कार्यरत हैं।

संस्था का यह सतत् प्रयास रहा है कि उसके विद्यार्थियों में उच्च बौद्धिक क्षमता, कार्यकुशलता ,सुनागरिकता व उदात्त जीवन मूल्यों के प्रति निष्ठा दृढ़ से दृढ़तर हो । और उनका मन सदैव उन्मुक्त रहे - कुशलता, दक्षता और श्रेष्ठता के लिए.....! सम्प्रति प्रबन्ध तंत्र के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार अग्रवाल के सफल नेतृत्व में प्रबंध समिति के अथक प्रयासों से अभिभावकों, शिक्षाविदों, सक्रिय शुभचिन्तकों व षिक्षक वर्ग के सतत् सहयोग से महाविद्यालय अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु प्रयत्नशील है।

Dr. Nirupma Ashok

Principal